यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन ने घोषणा की है कि देश के विरुद्ध सऊदी अरब के हमलों में क़तर के सैनिकों के शामिल होने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।
अलमयादीन टीवी चैनल के अनुसार अंसारुल्लाह की राजनैतिक परिषद के सदस्य ज़ैफ़ुल्लाह शामी ने इसी के साथ अंसारुल्लाह का संघर्ष जारी रहने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि यमन के ख़िलाफ़ हमले में क़तर के थल सैनिकों के शामिल होने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा और अंसारुल्लाह आंदोलन, यमन के दूसरे गुटों के साथ मिल कर अपना संघर्ष जारी रखेगा। ज़ैफ़ुल्लाह शामी का कहना था कि सऊदी अरब ने दबाव डाल कर पहले संयुक्त अरब इमारात को और अब क़तर को यमन की जंग में फंसा दिया है।
ज्ञात रहे रविवार को अलजज़ीरा टीवी चैनल ने एक रिपोर्ट में कहा था कि क़तर के लगभग एक हज़ार थल सैनिक, सऊदी अरब के अलवदीआ पास से यमन में दाख़िल हुए हैं। बताया जाता है कि इन सैनिकों के पास 200 से ज़्यादा बक्तरबंद वाहन, 30 अपाची हैलीकाप्टर, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, मीज़ाईल रक्षातंत्र और एक आधुनिक संचार तंत्र है।
यह ऐसी स्थिति में है कि सऊदी अरब की अगुवाई में यमन पर अतिक्रमण करने वाले घटक बलों के लिए शुक्रवार का दिन बहुत ही रक्तपात वाला रहा। शुक्रवार को यमनी सैनिकों ने मआरिब प्रांत में अरब घटक बलों की एक सैन्य छावनी पर रॉकेट से हमला किया जिसमें संयुक्त अरब इमारात के कम से कम 45, सऊदी अरब के 10 और बहरैन के पास सैनिक मारे गए। कुछ जानकारों का कहना है कि माने जाने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक है किंतु सऊदी अरब उनकी संख्या को छिपा रहा है।